कोविंद का दलित नेता से रायसीना हिल्स तक का सफर

रायसीना हिल्स

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कोविंद का दलित नेता से रायसीना हिल्स तक का सफर

कोविंद का दलित नेता से रायसीना हिल्स तक का सफर। देश के १४ वें राष्ट्रप‌त‌ि रामनाथ कोव‌िंद का हर‌िद्वार नगरी से काफी गहरा नाता है। उन्होंने हर‌िद्वार के ल‌िए जो काम क‌िया है उसे लोग कभी नहीं भुला सकते हैं। रामनाथ कोविंद हरिद्वार स्थित दिव्य प्रेम सेवा मिशन के आजीवन संरक्षक रहे हैं।

सन २००२ में राज्यसभा सांसद रहने के समय कोविंद ने कुष्ट रोग‌ियों के ल‌िए दिव्य प्रेम सेवा मिशन की ओर से संचालित विद्यालय के छात्रों के लिए बनाए छात्रावास में सांसद निधि से २५ लाख रुपए दिए थे।

कोविंद और पीएम् मोदी
कोविंद और पीएम मोदी

इसके लिए यहां आज भी कोविंद की पहल को सराहा जाता है। इनकी पत्नी सविता समाजसेवी हैं और मिशन की ओर से संचालित विद्यालय के एक बालक का सालाना खर्च भी उठाती हैं। बच्चों से कोविंद को बेहद लगाव है। आजीवन संरक्षक होने के नाते कोविंद दिव्य प्रेम सेवा मिशन में आते रहते हैं। संस्‍था के बालकृष्ण शास्त्री के अनुसार आखिरी बार ११ अप्रैल २०१६ को कोविंद हरिद्वार स्थित मिशन में आए थे।

इन्होंने अर्धकुंभ के दौरान मिशन की ओर से “मंथन: भारतीय संस्कृति के विकास में गंगा” विषय पर व्याख्यानमाला में मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थिति की थी।

रामनाथ कोविंद का प्रोफाइल-

  • यूपी से भाजपा के दलित नेता
  • दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे
  • कोविंद की शादी ३० मई १९७४ को सविता कोविंद से हुई थी।
  • सरकारी वकील रहे, १९७१ में बार काउंसिल के लिए नामांकित
  • दिल्ली हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट में १६ साल तक प्रैक्टिस
  • इनका एक बेटा प्रशांत है और बेटी का नाम स्वाति है।
  • राष्ट्रपति चुने गए तो उत्तर प्रदेश से दूसरे राष्ट्रपति
  • रामनाथ कोविंद का जन्म एक अक्टूबर १९४५ को उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में हुआ था।
  • कोविंद ने कानपुर यूनिवर्सिटी से बीकॉम और एलएलबी की पढ़ाई की है।
  • गवर्नर ऑफ बिहार की वेबसाइट के मुताबिक कोविंद दिल्ली हाई कोर्ट में १९७७ से १९७९ तक केंद्र सरकार के वकील रहे थे।
  • १९८० से १९९३ तक केंद्र सरकार के स्टैंडिग काउंसिल में थे।
  • १९७१ में दिल्ली बार काउंसिल के लिए नामांकित हुए
  • १९९४ में कोविंद उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के लिए सांसद चुने गए।
  • वह १२ साल तक राज्यसभा सांसद रहे।
  • वे कई संसदीय समितियों के सदस्य भी रहे हैं।
  • आदिवासी, होम अफेयर, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, सामाजिक न्याय, क़ानून न्याय व्यवस्था और राज्यसभा हाउस कमेटी के भी चेयरमैन रहे।
  • कोविंद गवर्नर्स ऑफ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट के भी सदस्य रहे हैं।
  • २००२ में कोविंद ने संयुक्त राष्ट्र के महासभा को संबोधित किया।
  • १२ साल की सांसदी में कोविंद ने शिक्षा से जुड़े कई मुद्दों को उठाया।
  • ऐसा कहा जाता है कि वकील रहने के दौरान कोविंद ने गरीब दलितों के लिए मुफ्त में कानूनी लड़ाई लड़ी।

कोविंद की पत्नी भी समाज सेवा में जुटी हुई हैं। हरिद्वार के माधवराव देवले शिक्षा मंदिर व वंदेमातरम कुंज पौड़ी गढ़वाल स्थित दिव्य भारत शिक्षा मंदिर में रहने वाले एक बालक का खर्चा कोविंद की पत्नी सविता उठाती हैं।

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