जन्मदिन: आज भी सब यही कहते हैं काश कल्पना चावला जिंदा होतीं

कल्पना चावला

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भारत की पहली महिला अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला का आज ५६वां जन्मदिन है। जिसे आज पूरे देश में मनाया जा रहा है। यदि कल्पना चावला आज हमारे बीच होती तो आज हम उनका जन्मदिन और भी खुशी से मना रहे होते। आपको बता दें कि कल्पना चावला का १७ मार्च १९६२ को हरियाणा के करनाल में पैदा हुईं थीं।

इनकी शुरुआती पढ़ाई करनाल के ही टैगोर बाल निकेतन में हुई थी। वह एक सामान्य परिवार से थीं। उन्होंने चंडीगढ़ के पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज से एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह एम. टेक की पढ़ाई करने अमेरिका चली गयीँ। इसी दौरान उन्हें प्यार भी हुआ और उन्होंने बाद में शादी भी कर ली थी।

कल्पना चावला चार भाई-बहनों में सबसे छोटी थीं। इन्हें प्यार से मोंटू कहते थे। १९९५ में कल्पना नासा में अंतरिक्ष यात्री के तौर पर शामिल हुईं और १९९८ में उन्हें अपनी पहली उड़ान के लिए चुना गया। यह यात्रा उनकी सफल रही और दुनिया भर में इस भारत की बेटी ने अपना रुतवा बनाया।

इन्हें दूसरी बार फिर से चुना गया। सभी लोग बेसब्री से उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन खबर कुछ ऐसी आई कि सबके चेहरों पर खुशी की जगह आंसू छलक आए। वैज्ञानिकों के अनुसार जैसे ही कोलंबिया नामक यान ने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया, वैसे ही उसकी उष्मारोधी परतें फट गईं और यान का तापमान बढ़ने से यह हादसा हुआ।

कल्पना चावला अंतरिक्ष में जाने वाली पहली महिला थीं। १ फरवरी २०१३ में जिस अंतरिक्ष यान से वह लौट रही थीं उस यान में कल्पना चावला सहित ७ लोग सवार थे। इन में सभी ७ लोगों की मौत हो गई थी। यान कोलंबिया शटल STS-१०७ करीब दो लाख फीट की ऊंचाई पर था। इसकी रफ्तार लगभग २० हजार किलोमीटर प्रति घंटा थी।

यह यान १६ मिनट बाद पृथ्वी पर उतरने ही वाला था लेकिन तभी यह हादसा हो गया जिसमें सभी की मौत हो गई।

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