बाढ़ और बारिश से देशभर में त्राहि त्राहि, पहाड़ों में भी यही हाल

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देश के हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से बाढ़ और तबाही मच गई है। और जानमाल का भी भारी नुकसान होने की खबर है। कई जगह बादल फटने की भी सूचना है। जिसमें अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है। पांच नेशनल हाईवे और 887 से ज्यादा सड़कें बंद हो गई हैं। हिमाचल में हो रही तेज बारिश से आम जनजीवन प्रभावित है।

हिमाचल प्रदेश में पांच नेशनल हाईवे समेत 350 से ज्यादा सड़कें बंद हैं। मनाली में नेशनल हाईवे बह गया है। जबकि अन्य कई जगह सड़कें और पुल बह गए हैं। तेज बारिश से कई लोगों की मौत की भी खबर है। जानकारी के अनुसार, चंबा की बंदला पंचायत में घर की दीवार गिरने से दादा और पोती की मौत हो गई है। कुल्लू में एक शख्स के बहने की खबर है।

शिमला में भूस्खलन में पांच लोग दब गये हैं। बचाव कार्य जारी है। घुमारवीं में बादल फट गया है। जबकि बिलासपुर में 8 मकान ध्वस्त हो गई हैं। प्रदेश में शुक्रवार रात और शनिवार को सामान्य से 200 प्रतिशत अधिक बारिश हुई। पालमपुर में बंदला की पहाड़ियों पर बादल फटने से न्यूगल और बनेर खड्ड में बाढ़ आ गई।

इससे बंदला के ओम बिजली संयंत्र में छह कर्मचारी फंस गए, जिन्हें पुलिस और होमगार्डो ने बचाया। कुल्लू के पतलीकूहल में ब्यास नदी में फंसे दो ट्रक चालकों को भी बचाया गया। चंबा में 15 शिक्षकों को सुरक्षित निकाला गया।

अन्य खास बातें

  • हिमाचल में 23 की मौत, 850 से ज्यादा सड़कें बंद, हाईवे बहा
  • बाढ़ और बारिश से जनजीवन प्रभावित
  • उत्तराखंड में बारिश से उफान पर नदियां, गंगोत्री, यमुनोत्री व बदरीनाथ हाईवे बंद
  • राजस्थान में जानलेवा बारिश से तबाही, 16 की मौत
  • कृष्णा की बाढ़ से आंध्रप्रदेश के 87 गांव प्रभावित
  • जम्मू में बारिश से नदी नाले उफान पर, वैष्णो देवी हेलीकॉप्टर सेवा बंद
  • पंजाब में भी उफान पर नदियां, 81 बाढ़ प्रभावित गांवों को खाली कराने के आदेश

इधर उत्तराखंड में शनिवार देर रात से हो रही बारिश ने जन-जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तरकाशी में बादल फटने की खबर है। कई घर जमींदोज हो गए हैं। अब तक दो लोगों की मौत और करीब 20 लोगों के लापता होने की खबर है। पहाड़ों की रानी मसूरी में भी कैंपटी-यमुनोत्री मार्ग भारी भूस्खलन के बाद बंद हो गया है।

पुलिस और स्थानीय प्रशासन जेसीबी के माध्यम से सड़क पर आए मलबे को हटाने में जुटा है। वहीं इसके कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है। नई टिहरी और आसपास के क्षेत्रों में भी रातभर से बारिश का सिलसिला जारी है। यमुनोत्री हाईवे ओजरी डबरकोट में भी बंद हो गया है।

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यमुना नदी के साथ-साथ सहायक नदी -नाले भी उफान पर हैं। चमोली जिले में भी भारी बारिश के चलते बदरीनाथ नेशनल हाईवे लामबगड़ और पीपलकोटी से टंगणी मे अवरुद्ध हो गया है। भारी बारिश के बाद से अब अलकनंदा, पिण्डर, धोली,नंदाकनी, बालखिला नदियां उफान पर हैं।

वहीं, सडकों पर मलबा आने से चमोली में 19 सडकें भी बंद हैं। उत्तरकाशी में भी जिले के अधिकांश हिस्सो में सुबह से बारिश का सिलसिला जारी है। गंगोत्री राजमार्ग चुंगी-बड़ेथी के पास मलबा और पत्थर आने से बंद हो गया है। वहीं, गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच भूस्खलन का खतरा देखते हुए यात्रियों को पड़ावों पर रोका गया है।

सुबह 8 बजे तक गौरीकुंड से 230 श्रद्धालुओं ने धाम के लिए प्रस्थान किया था। बारिश के चलते रामबाड़ा में मंदाकिनी नदी पर बना पुराना झूला पुल टूटा गया है। त्यूनी में भी टोंस नदी के उफान पर पर आने से कई घर खतरे की जद में आ गए हैं। तहसील प्रशासन ने 35 परिवारों के घरों को खाली कराकर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है।

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