एलआईसी एजेंटों को प्रीमियम एकत्र करने व पीओएस पाने के लिए डिजिटल हो जाना चाहिए

एलआईसी एजेंट

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एलआईसी एजेंटों को प्रीमियम एकत्र करने व पीओएस पाने के लिए डिजिटल हो जाना चाहिए

एलआईसी एजेंटों को प्रीमियम एकत्र करने व पीओएस पाने के लिए डिजिटल हो जाना चाहिए। नोटबंदी के चलते एलआईसी ने प्रीमियम जमा करने के लिए एक लाख एजेंटों को जो कि लगभग १.५ लाख करोड़ होता है पीओएस मशीनें प्रदान करने का फैसला किया है और कहा है कि एजेंट डिजिटल हो जायें।

एक सीनियर ऑफिसर ने कहा है कि “कम नकदी अर्थव्यवस्था से लड़ने के लिए, एलआईसी अपने कुछ लाख सक्रिय एजेंटों को PoS मशीन उपलब्ध कराने के लिए कमर कस रही है जिससे प्रीमियम एकत्रीकरण डिजिटली किया जा सके”।

राज्य के स्वामित्व वाली विशालकाय बीमा कंपनिया आधार कार्ड से जुड़े डिजिटल लेनदेन को शुरू करने में लग रहीं हैं। उनके अधिकारीयों का कहना हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पॉलिसी धारकों से मिलने वाली प्रीमियम राशि को एजेंटों के पास एकत्रित होने के बोझ को कम करेगा।

अधिकारीयों ने कहा कि एलआईसी प्लान को PoS मशीने उपलब्ध करने में १.५ लाख एजेंटों का भविष्य ऊपर आएगा। मार्च २०१६ के अंत तक २०.16 लाख एजेंट भारतीय जीवन विमा निगम में कार्यरत हैं।

वित्त मंत्रालय ने एलआईसी से एक ऐसे मजबूत साईबर सुरक्षा सेल को स्थापित करने को कहा है जिससे कोई भी साईबर धोकाधड़ी न हो सके। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बीमा पॉलिसियों, रेल टिकट और राजमार्ग टोल शुल्क के ऑनलाइन भुगतान पर छूट सहित तरीकों के रूप में डिजिटल ट्रांसजेक्सन को बढ़ावा देने कि घोषणा कि थी।

साधारण और जीवन बीमा कि नई पॉलिसियों को सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रम वेबसाइटों के माध्यम से खरीदने पर ८ से १० प्रतिशत छूट देने कि पेशकश कि गई है।

एलआईसी ने पिछले वर्ष ३१ दिसंबर २०१६ पर समाप्ति वर्ष के ९ महीनों के दौरान २४.४२ लाख करोड़ कि कुल संपत्ति पर १२.८१ प्रतिशत बढ़ोत्तरी दर्ज कि है। एक साल पहले के इन ९ महीनों में १,२९,००१ करोड़ रुपये के मुकाबले १,४५,०३१ करोड़ के रूप में १२.४३ प्रतिशत कि बढ़ोत्तरी हुई है।

नये प्रीमियम कारोबार के साथ एलआईसी ने एक साल पहले चालू वित्त वर्ष कि ९ महीने कि अवधि में ४०.१ की वृद्धि दर्ज कि है। बीमा कम्पनी को मार्च २०१७ के अंत तक नई प्रीमियम के ३५००० करोड़ तक पहुँचने कि उम्मीद है।

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